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importance of folk literature | लोक साहित्य का विशेषता और महत्व

लोक साहित्य वह मौखिक अभिव्यक्ति है, जो भले ही किसी व्यक्ति ने गढ़ी पर आज जिसे सामान्य लोक समूह अपना मानता है और जिसमें लोक की युग-युगीन वाणी, साधना समाहित रहती है, जिसमें लोक मानस प्रतिविम्बित रहता है। वास्तव में लोक साहित्य लोक जीवन की अभिव्यक्ति है। लोक साहित्य लोक जीवन से घनिष्ठ संबंध रखता […]

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खोरठा कवियों की रचनाएँ | Khortha kaviyon ki pramukh rchna

खोरठा कवियों की प्रमुख रचनाएँ | Khortha kaviyon ki pramukh rchna खोरठा भाषा साहित्य में भी अन्य भाषाओं की तरह शिष्ट साहित्य का विकास पद्य साहित्य से ही प्रारम्भ हुआ है। सामान्यतः 16 वीं -17 वीं शताब्दी में पद्य – साहित्य की रचना प्रारम्भ हो गई और 1960 दशक के बाद पद्य – साहित्य के

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Area leval federation क्षेत्र स्तर संघ ALF

एरिया लेवल फेडरेशन Area leval federation (ALF) संगठन का अर्थ है – ” शहर में अवस्थित स्वयं सहायता समूह (SHG) आस – पास के वार्ड में कम से कम 10 और अधिक से अधिक 20 समूहों का  वैसा संघ जो जुड़े हुए विभिन्न समूहों के बीच एक कड़ी का कार्य करता है तथा उन समूहों

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ई- श्रमिक कार्ड योजना | e-SHRAM Portal

भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा 16 से 59 वर्षों के असंगठित श्रमिकों, निर्माण श्रमिक, प्रवासी श्रमिक, घरेलू श्रमिक, स्वनियोजित कर्मकार, आशा वर्कर, आंगनवाड़ी सेविका, कृषि एवं पशुपालन के कार्यरत मजदूर, स्वयं सहायता समूह, फूटपाथ दुकानदारों आदि के निबंधन के लिए e-SHRAM Portal विकसित किया गया हैं। इस पोर्टल के माध्यम से श्रमिकों

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