nagpuri lok katha gadri chirinya Chhauvaman | नागपुरी लोक कथा | गडरी चरइ कर छउवामन
एक गुँड़री चरइ एक पोखरा-पिंडे अंडा पारलक। चाइरो अंडा गुढ़रते-गुढ़रते फूइट गेलै, आउर उमन से चाइर किसिम कर जीउ पएदा भेलें। पहिल अंडा ले एकठो बरद निकललक, दोसर ले एक अदमी जनमलक, तीसर ले एक नेवरा पएदा होलक आउर चौथा ले जे निकललक से गुंड़री चरइ कर छब धरलक। चाइरो जीव कहर्ले, “लगे आब आपन-आपन […]
nagpuri lok katha gadri chirinya Chhauvaman | नागपुरी लोक कथा | गडरी चरइ कर छउवामन Read More »
