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जोदी खोजा मान-श्री निवास पानुरी |आँखिक गीत खोरठा कविता संकलन | झारखण्ड पीजीटी परीक्षा में शामिल कविता का हिंदी में व्याख्या

खोरठा कविता “जोदी खोजा मान” गहरे भावबोध और सांस्कृतिक चेतना से ओतप्रोत है। यह कविता व्यक्ति के आत्मबोध, साधना, प्रकृति की सुंदरता और मातृभाषा के गौरव को एक साथ पिरोती है।जोदी खोजा मान करे होतो निज के दान तबे ऎते खोरठें जान.यह कविता श्रीनिवास पानुरी द्वारा लिखा गया है . कविता संकलन आंखीक गीत” (ANKHIK […]

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khortha kavita nach bandar nach re | नाँच बाँदर नाँच रे-श्री निवास पानुरी | झारखण्ड पीजीटी परीक्षा में शामिल कविता का हिंदी में व्याख्या

नाँच बाँदर नाँच रे : यह कविता एक प्रकार का संवाद और प्रतीकात्मक अभिव्यक्ति है, जहाँ “बाँदर” (बंदर) को नचाने की बात हो रही है। लेकिन यह सिर्फ बंदर के नाचने की बात नहीं है, बल्कि यह मनुष्य की स्वार्थपरता, अपेक्षा और लेन-देन के संबंधों की भी प्रतीकात्मक झलक देती है। यह कविता न सिर्फ

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ANKHIK GEET KHORTHA KAVITA | आँखिक गीत खोरठा कविता -खोरठा ! हाय! खोरठा – श्रीनिवास पानुरी – झारखण्ड पीजीटी परीक्षा में शामिल कविता का हिंदी में व्याख्या

 खोरठा ! हाय! खोरठा :आँखिक गीत खोरठा कविता संकलन  – श्रीनिवास पानुरी द्वारा लिखा गया है .इनके द्वारा यह कविता 1964 ईस्वी के आस पास लिखा गया है .इस कविता संकलन में कुल 72कविता है जिसमे एक खोरठा ! हाय! खोरठा कविता भी सामिल है . खोरठा ! हाय! खोरठा कविता खोरठा भाषा की उपेक्षा, उसके

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कोल जनजाति (Kol Tribe)

Kol Tribe of Jharkhand | झारखंड की कोल जनजाति का इतिहास और वर्तमान स्थिति

कोल जनजाति Kol Tribe : ऐतिहासिक मान्यता एवं सामाजिक स्थिति कोल जनजाति (Kol Tribe) को भारत सरकार द्वारा 8 जनवरी 2003 को झारखंड राज्य के 32वें अनुसूचित जनजाति (Scheduled Tribe) के रूप में आधिकारिक मान्यता दी गई। यह समुदाय झारखंड के संथाल परगना एवं उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल के दुमका, देवघर, गिरिडीह आदि जिलों में विशेष

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bathuni tribe

झारखण्ड की बाथुड़ी जनजाति | Bathudi Tribe of Jharkhand

झारखण्ड की बाथुड़ी जनजाति (Bathudi Tribe);- झारखण्ड की अल्पसंख्यक और विशिष्ट जनजातियों में   महत्वपूर्ण स्थान है। इनकी जनसंख्या सीमित है, लेकिन सांस्कृतिक दृष्टि से यह समुदाय अद्वितीय है। बाथुड़ी  (Bathudi)मुख्य रूप से पूर्वी सिंहभूम जिले के पहाड़ी क्षेत्रों और घाटशिला अनुमंडल में, विशेष रूप से स्वर्णरेखा नदी के आसपास निवास करते हैं। उड़ीसा राज्य में

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Janardan Goswami 'byathit

खोरठा भाषा कवि जनार्दन गोस्वामी ‘व्यथित’| Janardan Goswami ‘byathit

जनार्दन गोस्वामी ‘व्यथित’ झारखंड की पावन माटी, माराफरी गाँव ने 2 जनवरी 1936 को एक ऐसे प्रतिभाशाली सपूत को जन्म दिया, जिन्होंने अपने जीवन-संघर्ष और साहित्य साधना से खोरठा भाषा को एक नई ऊँचाई दी — वे थे महाकवि जनार्दन गोस्वामी ‘व्यथित’। माराफरी, जो बाद में एशिया के सबसे बड़े इस्पात कारखाने बोकारो स्टील प्लांट

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किसान जनजाति: संस्कृति एवं संगठन | kisan Tribe: Culture and Organization

किसान जनजाति भारत के प्रमुख जनजाति है जो भारत के पश्चिम बंगाल उड़ीसा झारखंड इत्यादि राज्यों में निवास करते हैं इसके अलावे भारत के पड़ोसी देश नेपाल में भी पाए जाते हैं । किसान जनजाति के पलामू, लोहरदगा, राँची जिलों सहित महुआटांड, भंडरिया, नेतरहाट, विशुनपुर, चैनपुर, पालकोट आदि क्षेत्रों में निवास करती है।  किसान जनजातियों

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kora janjati | कोरा जनजाति: इतिहास, संस्कृति और परंपराएँ | पूरी जानकारी

 झारखंड की एक प्रमुख जनजाति कोरा  अपेक्षाकृत रूप से अधिक विकसित मानी जाती हैं। यह समुदाय न केवल झारखंड, बल्कि ओडिशा और पश्चिम बंगाल में भी निवास करता है। झारखंड के धनबाद, बोकारो तथा संथाल परगना क्षेत्र को इनका प्रमुख निवास स्थान माना जाता है।कोरा जनजाति को प्रोटो-आस्ट्रेलायड समूह से संबंधित माना जाता है। इनका

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बिथालाहा प्रथा

Bitlaha prtha | बिटलाहा’ प्रथा संथाल जनजाति की पारंपरिक न्याय व्यवस्था

Bitlaha prtha | बिटलाहा’ प्रथा संथाल जनजाति की पारंपरिक न्याय व्यवस्था में दिया जाने वाला एक अत्यंत कठोर सामाजिक दंड है, जिसके अंतर्गत दोषी व्यक्ति को समुदाय से पूर्णतः बहिष्कृत कर दिया जाता है। यह दंड किसी व्यक्ति द्वारा सामाजिक मर्यादाओं, रीति-नीतियों अथवा परंपरागत विधानों के गंभीर उल्लंघन पर दिया जाता है। बिठलाहा (Bitlaha) घोषित

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amalgam

Pahalgam: Kashmir | पहलगाम:कश्मीर की वादियों में बसा एक स्वप्न घूमने की पूरी गाइड और खास जगहें”

जब भी धरती पर जन्नत की कल्पना की जाती है, तो कश्मीर का नाम सबसे पहले आता है। और कश्मीर के इस स्वर्ग में एक ऐसी जगह है जो अपने प्राकृतिक सौंदर्य, शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा के लिए जानी जाती है — पहलगाम(Pahalgam)। यह छोटा सा कस्बा, बर्फ से ढकी चोटियों, हरी-भरी घाटियों और कलकल

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