सर्वधर्म सभा स्थल दुल्ली | Sarvdharm sbha sthal dulli

झारखंड में  सभी धर्मो को मानने वाले  रहते है और अपने धर्मों के प्रतीक रूप में मंदिर, मस्जिद ,गुरुद्वारा  चर्च का निर्माण कर पूजा अर्चना करते है। किन्तु एक ही स्थल पर हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाइयों का पवित्र स्थल कही नही ही देखने को मिलता है।अपवाद में  झारखंड के रांची जिलें  के खलारी प्रखंड के मसलुस्कीगंज  के पास अवस्थित दुल्ली गांव में  सर्वधर्म सभा स्थल दुल्ली (Sarvdharm sbha sthal dulli)  का जीता-जागता प्रतीक  के रूप में देखने को मिलता है ।

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सर्वधर्म सभा स्थल दुल्ली (Sarvdharm sbha sthal dulli) में स्थापित देवी देवता

झारखंड के रांची जिलें  के खलारी प्रखंड के मसलुस्कीगंज  के पास अवस्थित दुल्ली गांव में  सर्वधर्म सभा स्थल दुल्ली  (Sarv dharm sbha sthal)  एक ही परिसर में मंदिर, मजार, चर्च और गुरुदारा बनाया गया है ।चारों धर्मों का पूजा स्थल लोगो को अपने ओर आकर्षित करता है। इस अनोखी स्थल में लोग आकर चारो धर्मोंके पूजा स्थलों का दर्शन करते है। गर्भ गृह में स्थापित देवी देवता से प्रार्थना एवं मन्न्त मांगते है।इस सर्व धर्म सभा स्थली की  खास बात है कि लोग एक धर्म की पुजा ना कर  चारों धर्मो।के प्रतीक स्थली  में मत्था टेकते हैं, नमाज अदा करते हैं और मन्नते मांगते हैं।हिन्दू धर्म के मंदिर में राधा कृष्ण की मूर्ति, मुस्लिम धर्म के मस्जिद में मजार ,क्रिस्चन धर्म ईसामसी एवं सिख धर्म मे गुरुनानक के प्रतिमा स्थापित है।

सर्वधर्म सभा स्थल (Sarvdharm sbha sthal) का निर्माण

सर्व धर्म सभा स्थल (Sarv dharm sbha sthal) का निर्माण  1960- 65 दुल्ली के नरेश चंद्र बाहरी जीके द्वारा किया गया। ये दिल्ली के उद्योगपति थे।दुल्ली गाँव से उनका काफी लगाव था और वे यहां अक्सर आना-जाना करते थे। वे सभी धर्मों  में विश्वास करते थे। 1960-65 के बीच जब सांप्रदायिक दंगा हुई थी, तब इन्होंने गांव में ही एक स्थल पर चारों धर्म के लोगों के लिए धार्मिक स्थल बनाने का निर्णय लिया उनके  द्वारा हिन्दू और मुस्लिम धर्म के मंदिर का ही निर्माण किये ही थे , चर्च और गुरुद्वारा निर्माण शुरू होनेवाला ही था कि नरेश चंद्र का निधन हो गया । जिस कारण  निर्माण अधूरा रह गय।नरेश चंद्र बाहरी जी का कोई वारिश नहीं था, इसलिए उनका सपना पूरा नहीं हो सका। आज तक अधुरा ही पड़ा है।

ग्रामीणों  के अनुसार नरेश चंद्र बाहरी जी की इच्छा थी कि उनके निधन के बाद उनका अंतिम संस्कार धर्मस्थल के पास में ही किया जाए और जब उनका निधन हुआ तो उनका अंतिम संस्कार सर्वधर्म स्थल के पास ही किया गया । दुल्ली में नरेश चंद्र बाहरी की करीब तीन सौ एकड़ जमीन है, जिसको देखने वाला कोई नहीं है आज उनका कोई वारिश नहीं है।

पर्यटक स्थल के रूप में विकास 

sarv dharm sabha -dr.A.K Dangiangi
sarv dharm sabha -Dr.AKDangi

11 जुलाई 2013 को तत्कालीन केंद्रीय पर्यटन मंत्री सुबोधकांत सहाय ने दुल्ली के इस सर्वधर्म स्थल के विकास के लिए विभाग से निर्माण कार्य को लेकर उद्धाटन कराया था। इसे मेगा टूरिस्ट सर्किट के अंतर्गत विभाग ने धर्मस्थल की चारदीवारी बनाई, परिसर में टाइल्स बिछवाया और सर्वधर्म प्रार्थना स्थल का भी निर्माण कराया है। गेट के बाहर चापानल और कॉटेज भी बनवाया, लेकिन उचित रख-रखाव के अभाव के कारण अब यह बिखरने लगा है। सरकार के उपेक्षित नीति के कारण ऐसा एतिहासिक स्थल खंडहर के रूप में तब्दील होता जा रहा है। ऐसे स्थल पर्यटन की दृष्टि से भी राज्य के लिए महत्वपूर्ण है यह स्थल एक पर्यटक स्थल को रूप में विकसित हो सकती है।

इस वीडियो में इस स्थल को देख जा सालता है।

https://youtu.be/IxYVA8H8oBI https://anandlink.com/common-interest-group-cigs/

 

सर्वधर्म सभा स्थल कहा है

झारखंड के रांची जिलें  के खलारी प्रखंड के मसलुस्कीगंज  के पास अवस्थित दुल्ली गांव में  सर्वधर्म सभा स्थल (Sarv dharm sbha sthal)  का जीता-जागता प्रतीक  के रूप में देखने को मिलता है ।

सर्व धर्म सभा स्थल में कौन कौन धर्म का प्रतीक एक स्थल पर है?

सर्वधर्म सभा स्थल (Sarv dharm sbha sthal)  एक ही परिसर में मंदिर, मजार, चर्च और गुरुदारा बनाया गया है ।चारों धर्मों का पूजा स्थल लोगो को अपने ओर आकर्षित करता है।

सर्वधर्म सभा स्थल का निर्माण कौन किया?

सर्व धर्म सभा स्थल (Sarv dharm sbha sthal)का निर्माण  1960- 65 दुल्ली के नरेश चंद्र बाहरी जीके द्वारा किया गया।

झारखंड के प्रशिद्ध किस गांव के नजदीक है?

मसलुस्कीगंज 

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