नदियों के उपर निर्मित जलाशयों के आस – पास अथवा नदियों से सटे ऐसे स्थल भी पाये गये है जहाँ नदी में पानी की धारा अत्यन्त कम होती है तथा उन स्थलों पर पानी की गहराई 3-4 फीट होती है । ऐसे स्थल मत्स्यपालन हेतु सर्वथा उपयुक्त है । ऐसे क्षेत्रों में विशेष प्रकार के अपेक्षित संसाधन यथा जाल बाँस पाइप इत्यादि की सहायता से घेराबन्दी करके कैप्टिविटी में मछलियाँ पाली जाती है।इस तकनीक के द्वारा नदियों के बीच मछली को छोड़ा जाता है ताकि नदियों में अच्छी किस्म की मछली प्राप्त किया जा सके ।इस प्रकार के नवनिर्मित जलनिधि में मछली पालन की इस योजना का नाम रिवेराईन फिश फार्मिंग (Riverine fish farming or Riverine fish culture or fish culture in river( RFF ) दिया गया है ।
रिवेराईन फिस फार्मिंग Riverine fish farming or Riverine fish culture or fish culture in river –
रिवेराईन फिश फार्मिंग Riverine fish farming ( RFF ) इस योजना को लागू करने के लिए सभी पंचायतों में नये RFF मत्स्य मित्र का चयन किया गया है । नये RFF मत्स्य मित्र के द्वारा स्थल का सर्वे एवं चयन एवं स्थानीय परिश्रमी लाभुकों का समूह तैयार कराया जाता है । पंचायत स्तर पर स्थानीय स्वैच्छिक परिश्रमी समूह स्थानीय नवयुवक ,स्वयम सहायता समूह एवं मत्स्य मित्र के माध्यम से की गई अनुशंसा के आलोक में मत्स्य प्रसार पर्यवेक्षक / मत्स्य प्रसार पदाधिकारी एवं जिला मत्स्य पदाधिकारी के द्वारा सुयोग्य स्थल का अंतिम रूप से चयन किया जा रहा है । मछली पालन का कार्य ऐसे स्थानीय नवयुवकों के समुह द्वारा किया जायेगा जो स्वेच्छा से श्रमदान करते हुये अपने स्तर से बॉस लगाने एवं रस्सी से जाल को बाँधने , आदि का कार्य कर सके । प्रत्येक आर . एफ . एफ . में विभाग द्वारा समुचित संख्या में मत्स्य बीज का संचयन कराया जायेग
प्रबंधन एवं शिकारमाही की जिम्मेवारी स्वैच्छिक परिश्रमी समूह की रहेगी । रिवराईन फिश फार्मिंग Riverine fish farming( RFF ) में विभाग के द्वारा उपलब्ध कराये गये सामग्री यथा जाल आदि के रख – रखाव की पूर्ण जिम्मेवारी समूह की होगी । | नदी में बाढ़ या आपदा आने पर सुरक्षा के प्रबंध हेतु समूह यथासंभव प्रयास करेगी । जिला मत्स्य पदाधिकारी के द्वारा समूह उपलब्ध कराये गये सामग्री एवं समूह को मछली उत्पादन से हुई आय का ब्यौरा पंजी में दर्ज किया जायेगा । उत्पादित मछली पर स्थानीय कार्यरत स्वैच्छिक परिश्रमी समूह का पूर्ण अधिकार रहेगा।
रिवेराईन फिस फार्मिंग Riverine fish farming or Riverine fish culture लाभ-
इस नई तकनीक द्वारा मछली उत्पादन में बढ़ोत्तरी होगी,आसपास नदी नाले का उपयोग होगा। तथा स्थानीय ग्रामीणों की आय में वृद्धि होगी साथ ही स्थानीय ग्रामीण युवकों को स्वरोजगार के साधन उन्हीं के क्षेत्र में उपलब्ध होंगे ।विशेष जानकारी प्राप्त करने के लिए अपने जिले के जिला मत्स्य कार्यालय में सम्पर्क किया जा सकता है।या अपने राज्य के सचिवालय में कृषि ,पशुपालन एवं सहकारिता विभाग से संपर्क कर लाभ प्राप्त कर सकते है।
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