Leaf Plate Manufacturing : भारत जैसे देश में जहाँ जनसंख्या विशाल है और भोजन परोसने की परंपरा विविधतापूर्ण है, वहाँ पत्ता प्लेट निर्माण एक पर्यावरण‑अनुकूल, कम लागत वाला और रोजगार सृजन करने वाला उद्योग बन सकता है। प्लास्टिक और थर्माकोल जैसी हानिकारक सामग्रियों के विकल्प के रूप में पत्तों से बनी प्लेटें न केवल प्राकृतिक और बायोडिग्रेडेबल होती हैं, बल्कि ग्रामीण और वन क्षेत्रों में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग भी करती हैं।
पत्ता प्लेट निर्माण कार्य योजना (LEAF Work Plan) का उद्देश्य है—
- स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पत्तों (जैसे साल, पलाश, बनाना आदि) का उपयोग कर सतत उद्यमिता को बढ़ावा देना।
- ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर प्रदान करना।
- पर्यावरण संरक्षण और प्लास्टिक‑मुक्त समाज की दिशा में योगदान देना।
- कम पूंजी में शुरू होकर धीरे‑धीरे बड़े पैमाने पर विस्तार योग्य उद्योग का मॉडल तैयार करना।
यह योजना न केवल आर्थिक दृष्टि से लाभकारी है बल्कि सामाजिक और पर्यावरणीय दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। पत्ता प्लेट निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों में आय के नए स्रोत, स्थानीय संसाधनों का उपयोग, और हरित उद्यमिता को बढ़ावा मिलता है।
प्रारंभिक तैयारी
- स्थान चयन:
- स्थान (500–800 वर्ग फुट)
- सुविधा: बिजली, पानी, शौचालय, वेंटिलेशन
- लाइसेंस/रजिस्ट्रेशन:
जिला सहकारिता विभाग से निबधित –
- जिला सहकारिता विभाग से निबधित
- MSME रजिस्ट्रेशन-
- GST नंबर-
- नगर पंचायत से ट्रेड लाइसेंस
अन्य तैयारी:
- बैंक खाता संचालन-
- खता संख्या
- मशीन व कर्मचारियों का बीमा
- प्रशिक्षण कार्यक्रम (महिला समूहों को मशीन संचालन व सुरक्षा हेतु)
मुख्य मशीन:
- Semi-automatic Leaf Plate Making Machine
डाई/मोल्ड:
- विभिन्न आकार (7”, 9”, 12”) की प्लेट बनाने हेतु
अन्य उपकरण:
- हीटर/प्रेस
- कटर
- स्टोरेज रैक
- पैकिंग मशीन
कच्चा माल
साल/मोहलाइन के पत्ते
साल पत्ता (Shorea robusta):
- यह झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा, बिहार आदि राज्यों के जंगलों में प्रचुर मात्रा में मिलता है।
- साल के पत्ते मोटे, मजबूत और टिकाऊ होते हैं, इसलिए प्लेट/पत्तल बनाने के लिए सबसे उपयुक्त हैं।
- इन पत्तों को इकट्ठा कर सुखाया जाता है और फिर मशीन में प्रेस करके प्लेट बनाई जाती है।
मोहलाइन पत्ता (Mohline/Other broad leaves):
- साल के विकल्प के रूप में उपयोग किया जाता है।
- यह भी बड़े आकार और मजबूत बनावट वाला होता है।
विशेषता:
- प्राकृतिक, बायोडिग्रेडेबल और पर्यावरण के अनुकूल।
- धार्मिक, सामाजिक और ग्रामीण कार्यक्रमों में इनका उपयोग परंपरागत रूप से होता रहा है।
प्राप्ति स्रोत:
- स्थानीय जंगल/वन विभाग से अनुमति लेकर प्राप्त किया जा सकता है
- स्थानीय गुरुवार बाजार दुरूवा लातेहार
- दुरूवा लातेहार थोक विक्रेता
- महानगरों के थोक विक्रेता
उत्पादन प्रक्रिया
- पत्तों को इकट्ठा कर सुखाना व साफ करना
- पत्तों को प्रेस मशीन में डालना
- मशीन में डाई/मोल्ड सेट करना
- हीटिंग/प्रेसिंग द्वारा प्लेट तैयार करना
- प्लेट को निकालकर ठंडा करना
- पैकिंग और स्टोरेज
पैकेजिंग और वितरण
- पैकिंग: 50 या 100 प्लेट का पैक
- ब्रांडिंग: समिति का नाम/लोगो पैकिंग पर छपा रहेगा
- वितरण चैनल:
- स्थानीय किराना व थोक बाजार
- होटल, रेस्टोरेंट, कैटरिंग सर्विस
- धार्मिक/सामाजिक कार्यक्रम
- ऑनलाइन प्लेटफॉर्म (Amazon, Flipkart, Meesho आदि)
मार्केटिंग रणनीति:
- स्थानीय मेले/प्रदर्शनी में स्टॉल
- सोशल मीडिया प्रचार
- थोक विक्रेताओं से अनुबंध
लागत और लाभ अनुमान
| घटक | अनुमानित लागत (₹) |
| कच्चा माल (प्रति माह) | 25,000 – 40,000 |
| बिजली/कर्मचारी | 15,000 – 20,000 |
| पैकेजिंग/वितरण | 10,000 – 15,000 |
| कुल मासिक खर्च | 50,000 – 75,000 |
लाभ अनुमान:
- यदि प्रतिदिन 5,000–7,000 प्लेट बनते हैं → मासिक शुद्ध लाभ ₹35,000 – ₹70,000 तक
- यदि उत्पादन क्षमता बढ़े (10,000–12,000/दिन) → लाभ ₹1,00,000+ तक
अतिरिक्त सुझाव
- सुरक्षा उपाय: मशीन संचालन हेतु प्रशिक्षण, फर्स्ट-एड बॉक्स
- वित्तीय प्रबंधन: बैंक से कार्यशील पूंजी ऋण, सरकारी योजनाओं का लाभ
- भविष्य विस्तार:
- इको-फ्रेंडली डिस्पोजेबल उत्पाद (कप, बॉक्स, पैकेजिंग सामग्री)
- जूट/कॉटन बैग निर्माण
