खोरठा गद्य साहित्य का विकास | Khortha gady sahitya ke vikas
खोरठा गद्य साहित्य का विकास 20 वीं शताब्दी के पांचवें दशक से माना जाता है। इसका अर्थ हुआ कि नवयुग के कवि भुवनेश्वर दत शर्मा ‘ व्याकुल ‘ के खोरठा में लिखने के शुरूआती दौर में गद्य साहित्य का प्रारम्भ हुआ। इस संबंध में खोरठा भाष एवं साहित्य ( उद्भव एवं विकास ) में ‘ …
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