KHORTHA

झारखंडी भाषा साहित्य एवं संस्कृति पर ग्रंथ – लेखन एवं शोध – प्रकाशन की अनवरत प्रक्रियाएँ चल रही है उससे सुखद अनुभूति स्वाभाविक है। खास कर खोरठा भाषा (Khortha bhasa) साहित्य पर जो काम हो रहे हैं उससे लगता है कि खोरठा भाषा की व्यापकता और उपादेयता में वृद्धि हो रही है। इसी को ध्यान में रखकर JPSC, JSSC, JTET, झारखंड पुलिस एवं अन्य प्रतियोगिता परीक्षा इत्यादि को ध्यान में रखकर खोरठा भाषा से पूछे जाने वाले प्रश्नों प्रश्नों को तैयार किया गया है।

खोरठा गद्य साहित्य का विकास | Khortha gady sahitya ke vikas

खोरठा गद्य साहित्य का विकास 20 वीं शताब्दी के पांचवें दशक से माना जाता है। इसका अर्थ हुआ कि नवयुग के कवि भुवनेश्वर दत शर्मा ‘ व्याकुल ‘ के खोरठा में लिखने के शुरूआती दौर में गद्य साहित्य का प्रारम्भ हुआ। इस संबंध में खोरठा भाष एवं साहित्य ( उद्भव एवं विकास ) में ‘ …

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Khortha bhasa ka udbhav | खोरठा भाषा का उद्भव और विकास

झारखंडी भाषा साहित्य एवं संस्कृति पर ग्रंथ – लेखन एवं शोध – प्रकाशन की अनवरत प्रक्रियाएँ चल रही है उससे सुखद अनुभूति स्वाभाविक है। खास कर खोरठा भाषा (Khortha bhasa) साहित्य पर जो काम हो रहे हैं उससे लगता है कि खोरठा भाषा की व्यापकता और उपादेयता में वृद्धि हो रही है। यह कारण है …

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