शिवनाथ प्रमाणिक खोरठा पद्य साहित्य का आधुनिक युग का प्रवर्तक |
खोरठा भाषा साहित्य की परंपरा लोकगीतों, लोककथाओं और मौखिक परंपराओं से प्रारंभ होकर आधुनिक शिष्ट साहित्य तक विस्तृत है। इस साहित्यिक यात्रा में अनेक कवि और साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं से भाषा को गौरव प्रदान किया। बीसवीं सदी के उत्तरार्ध में जब खोरठा साहित्य आधुनिक चेतना के साथ उभर रहा था, उस समय शिवनाथ प्रमाणिक […]
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