GENERAL KNOWLEDGE

सामान्य ज्ञान वह जानकारी है जो मनुष्यों के साथ अनवरत जीवन प्रयत्न चलती रहती है। इस ब्लॉग के माध्यम से ऐसे अनेक जानकारी (UPSC, STATE PCS, JPSC, SSC, JSSC, JTET, झारखंड पुलिस एवं अन्य प्रतियोगिता परीक्षा के लिए) दी गई है. जिससे आत्मसात कर प्रतियोगिता परीक्षा में कामयाबी हासिल की जा सकती हैं।

नागवंशी शासन व्यवस्था : एक विस्तृत अध्ययन | Nagavanshi sashan in hindi

(नागवंशी शासन व्यवस्था  (Nagavanshi sashan ) : भारत का इतिहास केवल विशाल साम्राज्यों और प्रसिद्ध राजवंशों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसकी गहराई में स्थानीय जनजातीय और क्षेत्रीय शासनों की भी उतनी ही महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इन्हीं में से एक है झारखंड का छोटानागपुर क्षेत्र, जो अपनी विशिष्ट सामाजिक-राजनीतिक परंपराओं और सांस्कृतिक चेतना के […]

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Munda janjati ka sashan Padaha Panchayat | मुंडा प्रशासन व्यवस्था : पड़हा पंचायत शासन प्रणाली

भारत की जनजातीय परंपराएँ केवल सांस्कृतिक धरोहर ही नहीं हैं, बल्कि वे प्रशासनिक और सामाजिक संगठन की अनूठी मिसाल भी प्रस्तुत करती हैं। झारखंड की मुंडा जनजाति ने अपने जीवन को संगठित करने के लिए जो पड़हा पंचायत व्यवस्था (Padaha Panchayat)  विकसित की, वह भारतीय लोकतांत्रिक परंपरा का प्रारंभिक स्वरूप मानी जाती है। यह व्यवस्था

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Aung San Suu Kyi

आँग सान सू की लोकतंत्र की नायिका और संघर्ष की कहानी | Aung San Suu Kyi Heroine of Democracy in hindi

आँग सान सू  की (Aung San Suu Kyi) : जब सत्ता की दीवारें ऊँची हों और आवाज़ों को दबाने की कोशिश की जाए, तब इतिहास ऐसे व्यक्तित्वों को जन्म देता है जो निडर होकर बदलाव की मशाल थामते हैं। आँग सान सू की ऐसी ही एक प्रेरणादायक नेता हैं, जिन्होंने म्यांमार में लोकतंत्र की लौ

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डिजिटल संवाद की दुनिया: सोशल मीडिया और कम्युनिकेशन प्लेटफॉर्म्स का समग्र परिचय | The World of Digital Communication: Introduction to Social Media and Communication Platforms

Social Media : आज का युग संवाद का है — विचारों का, भावनाओं का, व्यापार का और संस्कृति का यूग है जन्हा Social Media के बिना कोइए कार्य संभव नही है । Social Media के विभिन पारकर है – इंटरनेट ने जिस तरह से दुनिया को जोड़ा है, उसमें सोशल मीडिया और कम्युनिकेशन प्लेटफॉर्म्स की

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चाऊमीन खाने के पीछे छिपा स्वास्थ्य संकट

चाऊमीन खाने से स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव पड़ता है |Health effects of eating chowmein

आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में फास्ट फूड का चलन तेजी से बढ़ा है, और चाऊमीन उनमें सबसे लोकप्रिय विकल्प बन चुका है।चाऊमीन एक लोकप्रिय चीनी व्यंजन है जो भारत में स्ट्रीट फूड के रूप में बेहद प्रसिद्ध है। बच्चों से लेकर युवाओं तक, हर आयु वर्ग के लोग इसके तीखे स्वाद और झटपट तैयार

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कांटारा

Kantara Origins of the Divine | कांटारा जैसे लोक उत्सवों की उत्पत्ति, परंपरा और सांस्कृतिक महत्व |भूत कोला से कांटारा तक: दक्षिण भारत की दिव्य लोक परंपरा

भारत की सांस्कृतिक विविधता में लोक उत्सवों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। ये उत्सव केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि समाज की आत्मा, प्रकृति से जुड़ाव और पीढ़ियों के संवाद का माध्यम होते हैं। कांटारा फिल्म ने दक्षिण भारत की एक ऐसी परंपरा को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत किया, जो देवता, जंगल और जन के

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burning Ravana

रावण दहन की परंपरा और आज के युग में उसकी सार्थकता | The tradition of burning Ravana and its significance in today’s times

रावण दहन (burning Ravana )  भारतीय संस्कृति का एक महत्वपूर्ण पर्व है, जो हर वर्ष दशहरे के दिन मनाया जाता है। यह परंपरा भगवान श्रीराम द्वारा रावण के वध की स्मृति में निभाई जाती है, जो बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है। रावण, यद्यपि अत्यंत विद्वान और शक्तिशाली था, परंतु उसके अहंकार, अधर्म

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कोल जनजाति (Kol Tribe)

Kol Tribe of Jharkhand | झारखंड की कोल जनजाति का इतिहास और वर्तमान स्थिति

कोल जनजाति Kol Tribe : ऐतिहासिक मान्यता एवं सामाजिक स्थिति कोल जनजाति (Kol Tribe) को भारत सरकार द्वारा 8 जनवरी 2003 को झारखंड राज्य के 32वें अनुसूचित जनजाति (Scheduled Tribe) के रूप में आधिकारिक मान्यता दी गई। यह समुदाय झारखंड के संथाल परगना एवं उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल के दुमका, देवघर, गिरिडीह आदि जिलों में विशेष

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झारखंड की कंवर जनजाति | Kanwar Tribe of Jharkhand

झारखंड की कंवर जनजाति | Kanwar Tribe of Jharkhand

झारखंड की कंवर जनजाति | Kanwar Tribe of Jharkhand : झारखंड की जनजातीय संरचना में कंवर (Kanwar) जनजाति एक नये स्वरूप में सामने आई है। लंबे समय तक चले संघर्ष के बाद भारत सरकार ने 28 जनवरी 2003 को कंवर समुदाय को अनुसूचित जनजाति की सूची में 31वें स्थान पर शामिल किया। कंवर जनजाति Kanwar

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bathuni tribe

झारखण्ड की बाथुड़ी जनजाति | Bathudi Tribe of Jharkhand

झारखण्ड की बाथुड़ी जनजाति (Bathudi Tribe);- झारखण्ड की अल्पसंख्यक और विशिष्ट जनजातियों में   महत्वपूर्ण स्थान है। इनकी जनसंख्या सीमित है, लेकिन सांस्कृतिक दृष्टि से यह समुदाय अद्वितीय है। बाथुड़ी  (Bathudi)मुख्य रूप से पूर्वी सिंहभूम जिले के पहाड़ी क्षेत्रों और घाटशिला अनुमंडल में, विशेष रूप से स्वर्णरेखा नदी के आसपास निवास करते हैं। उड़ीसा राज्य में

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