वर्तमान समय में हमारा विश्व विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी (साइंसटेक्नोलॉजी ) की नई खोज के साथ आगे बढ़ रहा है । विभिन्न प्रकार के आविष्कार नए प्रकार के A I (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) जिसकी कल्पना आम मनुष्य द्वारा नहीं की जा सकती है वैसी कल्पना को साकार करने के लिए विश्व के वैज्ञानिकों ने नए-नए तरह केटेक्नोलॉजी ( AI – artificial general intelligence) का आविष्कार कर रहे हैं उनमें से एक है चैटजीपीटी (ChatGPT) । ChatGPT को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग तकनीकों का उपयोग करके विकसित किया गया है, जिससे यह मानव जैसी बातचीत करने में सक्षम है ChatGPT को OpenAI ने विकसित किया है और इसे पहली बार 30 नवंबर 2022 को सार्वजनिक रूप से लॉन्च किया गया था। OpenAI लगातार ChatGPT को बेहतर बनाने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है। आशा की जा रही है किभविष्य में, ChatGPT और अधिक उन्नत होकर व्यक्तिगत सहायक, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार, और अन्य क्षेत्रों में क्रांति ला देगा।
चैटजीपीटी (ChatGPT) क्या है?
चैटजीपीटी एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित भाषा मॉडल है, जिसे OpenAI ने विकसित किया है। यह एक नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग (NLP) तकनीक पर आधारित है, जो मानव जैसी बातचीत करने में सक्षम है। यह उपयोगकर्ताओं के प्रश्नों के उत्तर देने, सुझाव देने, टेक्स्ट जनरेट करने, कोड लिखने, अनुवाद करने और कई अन्य कार्यों में मदद करता है।
ChatGPT का इतिहास
ChatGPT का आधार GPT (Generative Pre-trained Transformer) नामक मॉडल पर आधारित है, जिसका विकास OpenAI ने 2018 से किया था। इसके विभिन्न संस्करण इस प्रकार हैं:
GPT-1 (2018) – पहला प्रोटोटाइप
GPT-2 (2019) – अधिक उन्नत और सार्वजनिक रूप से जारी
GPT-3 (2020) – पहले से अधिक शक्तिशाली
ChatGPT (2022) – GPT-3.5 आधारित चैटबॉट
GPT-4 (2023) – और भी उन्नत और सक्षम
भविष्य में चैटजीपीटी और AI का प्रभाव:
चैटजीपीटी और AI तकनीकें आने वाले वर्षों में कई क्षेत्रों में बड़े परिवर्तन लाने वाली हैं:
शिक्षा:
व्यक्तिगत ट्यूटर की तरह कार्य करेगा, जिससे छात्र अपनी सुविधानुसार सीख सकेंगे।
ऑटोमेटेड नोट्स, होमवर्क हेल्प, और परीक्षा की तैयारी में मदद करेगा।
व्यवसाय और नौकरियां:
कस्टमर सपोर्ट चैटबॉट्स से कंपनियों का काम आसान होगा।
कंटेंट राइटिंग, डिजिटल मार्केटिंग, और कोडिंग जैस…
AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) या कृत्रिम बुद्धिमत्ता एक ऐसी तकनीक है जिसमें कंप्यूटर और मशीनें इंसानों की तरह सोचने, सीखने, निर्णय लेने और समस्याओं को हल करने की क्षमता विकसित करती हैं।
ChatGPT का खतरा (ChatGPT danger)
ChatGPT से भविष्य में इसकी जितनी संभावनाएं हैं उतना ही इसका खतरा भी है । कहा भी जाता है कि विज्ञान दुधारी तलवार होती है और आज के समय में यह टेक्नोलॉजी के साथ लागू होता है ChatGPT जैसे AI टेक्नोलॉजी का भविष्य में होने वाले खतरे क्या हैं-
1. नौकरी जाने का खतरा – ऑटोमेशन से कई उद्योगों में नौकरियों की कमी हो सकती है। खासकर, डेटा एंट्री, कस्टमर सपोर्ट, और मैन्युफैक्चरिंग जैसे सेक्टर प्रभावित हो सकते हैं।
2. डाटा प्राइवेसी और सिक्योरिटी –
से व्यक्तिगत जानकारी के दुरुपयोग और साइबर हमलों का खतरा बढ़ सकता है।
3. गलत या भ्रामक जानकारी – AI से बनाई गई फेक न्यूज, डीपफेक वीडियो और झूठी जानकारियाँ समाज में गलतफहमी और विवाद फैला सकती हैं।
4. नैतिकता और निर्णय लेने की क्षमता – AI के निर्णय हमेशा नैतिक नहीं होते, क्योंकि वे डेटा पर आधारित होते हैं और उनमें मानव-संवेदनशीलता नहीं होती।
5. स्वायत्त हथियार और साइबर वारफेयर – AI का इस्तेमाल सैन्य उद्देश्यों के लिए भी किया जा सकता है, जिससे अनियंत्रित युद्ध और हिंसा का खतरा बढ़ सकता है।
6. मानव नियंत्रण से बाहर जाना – सुपरइंटेलिजेंट AI (AGI) यदि बहुत शक्तिशाली हो गया, तो वह मानव नियंत्रण से बाहर जाकर अप्रत्याशित समस्याएँ पैदा कर सकता है।
AI के फायदे के फायदे भी है जैसे मेडिकल रिसर्च, ऑटोमेशन, और रोजमर्रा के जीवन में सुधार इत्यादि क्षेत्रों में है किंतु इसका उपयोग, संतुलित और नैतिक उपयोग के साथ आवश्यकता के अनुसार किया जय तो अवश्य ही लाभ होगा ।
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