Tatapani | तातापानी गर्मजल श्रोत

झारखंड राज्य के लातेहार जिला घने जंगलों पहाड़ों और नदियों से घिरा हुआ है। यहां पर्यटन की असीम संभावनाएं हैं, नेतरहाट, बेतला नेशनल पार्क, पलामू किला जैसे पर्यटक स्थल देश में अपनी पहचान रखते हैं। इसके अलावा बहुत सारी प्राकृतिक मनोरम दृश्य उत्पन्न करने वाले पर्यटक स्थल है जो  लोगों तक पहुंच से बाहर है। ऐसे ही एक  लातेहार जिला के पर्यटक स्थल तातापानी (Tatapani) है। जो  गर्म जल स्रोत की नदी की धारा बहती रहती  है ।

अवस्थित

तातापानी झारखंड राज्य के लातेहार जिला मुख्यालय से महज 8 किलोमीटर दूर जारम  गांव के नजदीक सुकरी नदी के तट पर स्थित है।

विशेषता

तत्तापानी सुकरी नदी के किनारे बसा एक बहुत ही आकर्षक मनोहर रमणीय पिकनिक स्थल है। तातापानी (Tatapani) का शाब्दिक अर्थ होता है  गर्म पानी । तातापानी गर्म जल स्रोत का पानी इतना गर्म होता है कि लोग अंडा आलू और चावल भी लोग पका लेते हैं। इस पानी से स्नान करने पर चर्म रोग ठीक हो जाने का दावा किया जाता है। गर्म पानी में सल्फर होने के कारण कीटाणु जनित चर्म रोग ठीक होने की दलील दी जाती है। यहां पर्यटक गर्म पानी में स्नान का आनंद लेने के लिए अक्सर आया करते हैं।

कैसे पहुंचा जाय तातापानी गर्मजल श्रोत

तातापानी गर्म जल स्रोत पहुंचने के लिए  सड़क मार्ग या रेल मार्ग के माध्यम से पहुंचा जा सकता है। यह झारखंड राज्य के राजधानी रांची से 110 किलोमीटर दूर पश्चिम दिशा में लातेहार जिला में स्थित है। लातेहार जिला मुख्यालय से 8 किलोमीटर दूर जालम गांव के नजदीक सुकरी नदी किनारे तातापानी गर्म जल स्रोत स्थित है। जहां सड़क मार्ग से पहुंचा जा सकता है। जारम गांव तक जाने के लिए पक्की सड़क बनी हुई है, किंतु पक्की सड़क जर्जर स्थिति में है और सकरा मार्ग होने के कारण बड़े गाड़ी से पहुंचना संभव नहीं है। यहां सुगमता पूर्वक पहुंचने के लिए छोटी गाड़ी के द्वारा पहुंचा जा सकता है।

गर्म जल श्रोत के क्या कारण है

अक्सर लोगों के मन में यह प्रश्न उठता है कि आखिर पृथ्वी के अंदर से गर्म पानी  के स्रोत क्यों निकलता है? यह प्रश्न लोगों के मन में उठना स्वभाविक है। इसके उत्तर में यह कहा जा सकता है कि पृथ्वी की सतह के नीचे मैग्मा चट्टानों का पिघला हुआ रूप है। यह मैग्मा 800130 डिग्री सेल्सियस पर पृथ्वी के विभिन्न परतों से घिरा हुआ रहता है ।यदि पृथ्वी की परतों में यह गलती से फट जाता है तो जबरदस्त मात्रा में मैग्मा के आसपास के चट्टानों में स्थानांतरित हो जाता है, जिसके बाद वहां मौजूद पानी का तापमान बढ़ जाता है जिसके परिणाम स्वरूप पानी हमेशा गर्म रहता है। अक्सर इस प्रकार के गर्म जलस्रोत किसी नदी के किनारे ही देखने को मिलता है। विश्व में ऐसे अनेक स्थल है जहां गर्म पानी के जल स्रोत अक्सर निकलते रहता हैं।

पर्यटन की सम्भवनाये

तातापानी (Tatapani)गर्म जल स्रोत हिमाचल प्रदेश में भी स्थित है। यहां की सरकार पर्यटन के रूप में विकसित कर दिया है। जिस कारण सालों भर सैलानियों की भीड़ लगी रहती है किन्तु झारखंड का तातापानी गर्म जल स्रोत पर्यटन स्थल में कुछ सुविधा नही । आने जाने के दुर्ग मार्ग है। किसी प्रकार की यातायात की उचित व्यवस्था नहीं है।जिस  कारण इस प्रकृतिक मनोरम स्थल का लाभ दूर दराज के लोग लाभ नही उठा पाते है । झारखंड में ऐसे अनेक झारखंड में पर्यटक स्थल हैं जैसे चतरा में तमासिन जलप्रपात, कुंंदा का किला, चूंदरू धाम लातेहार जिला में इंदिरा झरना,कांति फॉल, पलामूू में मलाई डैम, मिर्चीचिया फॉल जैसे अनेक झारखंड में पर्यटक स्थल है जो अभी भी सरकार की उदासीनताा के कारण स्थानीय लोगोंं तक ही सीमित  है। यहां पर्यटन की असीम संभावनाएं हैं। किंतु सरकार की उदासीनता के कारण यह स्थल पुस्तकों में ही सीमित है या तो फिर स्थानीय लोगों तक हीं सीमित है। 

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